सबसे बड़ा सवाल: क्या CBSE 2026 बोर्ड एग्जाम का पैटर्न सच में बदल गया है? CBSE 2026 marking rules kya hai ?
नमस्ते Pehlainfo फैमिली!
CBSE 10th & 12th Board Exam 2026 new rules . CBSE बोर्ड एग्जाम का नाम सुनते ही तैयारी कर रहे बच्चों और उनके पेरेंट्स के मन में एक हल्की सी टेंशन तो आ ही जाती है। और जब कोई खबर आती है कि मार्किंग स्कीम या रूल्स बदल गए हैं, तो अरे बाप रे! फिर तो कन्फ्यूजन होना तय है।
पिछले कुछ दिनों से 2026 के 10वीं और 12वीं बोर्ड एग्जाम को लेकर एक ही सवाल हवा में तैर रहा है: “क्या थ्योरी (Theory) और इंटरनल असेसमेंट (Internal Assessment) का बटवारा (Division) बदल गया है?” यह सवाल उठना लाज़मी है, क्योंकि हर कोई जानना चाहता है कि नए CBSE 2026 marking rules kya hai ?
देखिए, बड़ी खबर यह है कि हाँ, CBSE ने 2026 के लिए मार्किंग वेटेज को और भी ज़्यादा क्लियर (Clear) और स्ट्रक्चर्ड (Structured) कर दिया है। यह कोई नया पैटर्न नहीं है, बल्कि आपके 20 मार्क्स को कैसे कैलकुलेट किया जाएगा, इस पर एक फुल एंड फाइनल क्लैरिफिकेशन है। यह क्लैरिफिकेशन यह सुनिश्चित करता है कि स्कूल मनमानी न करें और हर बच्चे को सही और पारदर्शी (Transparent) तरीके से मार्क्स मिलें।
अगर आप अभी भी कन्फ्यूज्ड हैं कि 80 में से थ्योरी के लिए कितने और 20 मार्क्स किस-किस काम के लिए मिलेंगे, तो चिंता छोड़ दो! यह आर्टिकल आपकी हर शंका को दूर कर देगा और आपको 20 में से 20 मार्क्स स्कोर करने की पूरी स्ट्रेटेजी बताएगा।
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ज़ीरो कन्फ्यूजन: एक ज़रूरी डिस्क्लेमर CBSE 10th & 12th Board Exam 2026 new rules or CBSE 2026 marking rules kya hai ?
सबसे पहले यह बात जान लेना बहुत ज़रूरी है:
डिस्क्लेमर: यह सारी जानकारी CBSE के ताज़ा सर्कुलर (Latest Circular) और ऑफिशियल गाइडलाइन्स पर आधारित है। हालांकि, CBSE किसी भी समय अपने रूल्स में बदलाव कर सकता है। इसलिए, आपको हमेशा अपने स्कूल टीचर्स और ऑफिशियल CBSE वेबसाइट पर नज़र बनाए रखनी चाहिए। यह आर्टिकल सिर्फ आपकी बेहतर समझ और तैयारी को बेहतर बनाने के लिए है।
The New Subject Wise Division Explained ( What is CBSE 80:20 Rule 2026 ? : क्या है ये नया खेल?)CBSE 2026 marking rules kya hai ?
CBSE ने 2026 बोर्ड परीक्षाओं के लिए मार्क्स को दो क्लियर हिस्सों में बांटा है— उन सभी सब्जेक्ट्स के लिए जिनमें मेजर प्रैक्टिकल नहीं होता (जैसे Math, Social Science, Languages, Accountancy, Business Studies, Economics):
- एनुअल बोर्ड एग्जाम (आपका फ़ाइनल पेपर) – थ्योरी: पूरे 80 मार्क्स
- इंटरनल असेसमेंट (स्कूल के हाथ में): पूरे 20 मार्क्स
यह $80+20$ का बटवारा हमें पता है, लेकिन CBSE 80:20 Rule 2026 के तहत बोर्ड ने इन 20 मार्क्स को तीन छोटे-छोटे (लेकिन बहुत ज़रूरी) टुकड़ों में बाँट दिया है, ताकि मूल्यांकन (Evaluation) निष्पक्ष (Fair) हो सके।
CBSE 10th 12th Internal Assessment 2026: 20 मार्क्स का पूरा हिसाब-किताब
CBSE 10th 12th Internal Assessment 2026 में इंटरनल असेसमेंट के ये 20 मार्क्स नीचे दिए गए तीन मुख्य कॉम्पोनेंट्स से आते हैं, हर एक की अपनी वैल्यू है:
| कॉम्पोनेंट (Component) | वेटेज (Marks) | आपके लिए इसका मतलब क्या है? |
|---|---|---|
| पीरियोडिक टेस्ट (Periodic Tests) | 10 मार्क्स | आपके रेगुलर क्लास टेस्ट या यूनिट टेस्ट। यह दिखाता है कि आप साल भर कितनी लगन से पढ़ाई कर रहे हो। इसमें बेस्ट 3 टेस्ट के एवरेज मार्क्स काउंट होते हैं। |
| नोटबुक सबमिशन (Notebook Submission) | 5 मार्क्स | आपके क्लास नोट्स, होमवर्क, असाइनमेंट्स कितने कंप्लीट, साफ़-सुथरे और ऑर्गनाइज़्ड हैं। ये 5 मार्क्स आसान हैं! |
| सब्जेक्ट एनरिचमेंट एक्टिविटी (SEA) | 5 मार्क्स | सब्जेक्ट से जुड़ी प्रैक्टिकल एक्टिविटीज, प्रोजेक्ट वर्क (जैसे सोशल साइंस में सर्वे), या लैंग्वेजेस में स्पीकिंग/लिसनिंग एक्टिविटी (ASL)। |
| टोटल मार्क्स | 20 मार्क्स | सिर्फ़ रटना नहीं, बल्कि ओवरऑल स्किल और डिसिप्लिन चेक! |
Pehlainfo आपको बताता है: ये बदलाव क्यों अच्छा है? CBSE 10th & 12th Board Exam 2026 new rules
CBSE यह सब क्यों कर रहा है? इसका सीधा सा जवाब है कि बोर्ड अब बच्चों की सिर्फ़ याददाश्त (Memory) नहीं, बल्कि उनकी ओवरऑल डेवलपमेंट, डिसिप्लिन और एप्लीकेशन स्किल को देखना चाहता है।
- नो रट्टाफिकेशन: अब आपको साल के आखिरी दो महीने में जागने की ज़रूरत नहीं। 10 मार्क्स पीरियोडिक टेस्ट के हैं, मतलब साल भर पढ़ाई करनी होगी!
- होमवर्क को सीरियसली लो: नोटबुक सबमिशन के 5 मार्क्स, जो पहले कई बार इग्नोर हो जाते थे, अब आपको अपनी कॉपी साफ़ रखने और समय पर काम पूरा करने के लिए मजबूर करेंगे।
- प्रैक्टिकल फोकस: 5 मार्क्स एक्टिविटी के हैं। इसका मतलब है कि साइंस में लैब वर्क और लैंग्वेज में बोलना-सुनना अब सिर्फ पास होने के लिए नहीं, बल्कि मार्क्स लाने के लिए ज़रूरी है।
III. स्ट्रीम-वाइज़ क्लैरिफिकेशन: 70:30 और 40:60 का बटवारा और मार्किंग रूल्स
$80:20$ का बटवारा मुख्य रूप से कोर थ्योरी विषयों के लिए है। लेकिन अगर आपकी स्ट्रीम साइंस, या वोकेशनल (Vocational) है, तो मार्क्स का बटवारा बदल जाता है।
1. साइंस स्ट्रीम (Science Stream – Class 12th)
साइंस विषयों में, इंटरनल असेसमेंट का वेटेज 30 मार्क्स का होता है क्योंकि इसमें एक बड़ा बोर्ड प्रैक्टिकल एग्जाम शामिल होता है।
| विषय (Subjects) | थ्योरी मार्क्स | प्रैक्टिकल मार्क्स | कुल मार्क्स |
|---|---|---|---|
| फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी (Science Core) | 70 मार्क्स | 30 मार्क्स | 100 |
30 मार्क्स प्रैक्टिकल का बटवारा:
- प्रैक्टिकल एग्जाम (External/Internal Examiner): 20-25 मार्क्स (स्कूल-वाइज अलग)
- प्रैक्टिकल रिकॉर्ड/प्रोजेक्ट/वाइवा: 5-10 मार्क्स
याद रहे, इन सब्जेक्ट्स में जो 30 मार्क्स का प्रैक्टिकल होता है, वह बोर्ड द्वारा नियुक्त (appointed) एक्सटर्नल एग्जामिनर की देखरेख में होता है, जिससे मार्किंग में कोई पक्षपात न हो।
2. वोकेशनल और आईटी विषय (Vocational & IT Subjects)
कुछ विषयों में, जहाँ स्किल और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग ज़्यादा ज़रूरी होती है, वहाँ थ्योरी का वेटेज कम और प्रैक्टिकल का वेटेज बहुत ज़्यादा होता है (जैसे IT, AI, Design, Web Applications)।
| विषय (Subjects) | थ्योरी मार्क्स | प्रैक्टिकल मार्क्स | कुल मार्क्स |
|---|---|---|---|
| वोकेशनल/आईटी सब्जेक्ट्स | 40 मार्क्स | 60 मार्क्स | 100 |
IV. Gem की गोल्डन स्ट्रेटेजी: 20 में से 20 स्कोर कैसे करें?
इंटरनल असेसमेंट के 20 मार्क्स आपके बोर्ड परसेंटेज़ को आसमान पर ले जा सकते हैं। अगर आप इन 20 मार्क्स में फुल स्कोर करना चाहते हैं, तो हर कॉम्पोनेंट के लिए यह स्ट्रेटेजी फॉलो करें:
A. पीरियोडिक टेस्ट (Periodic Tests) – 10 मार्क्स
- बेस्ट 3 पर फोकस: CBSE आमतौर पर आपके साल भर के टेस्ट्स में से सर्वश्रेष्ठ (Best) 3 का एवरेज लेता है। इसका मतलब है कि अगर आपका कोई एक टेस्ट ख़राब भी गया है, तो अगले दो टेस्ट में जी-जान लगा दो।
- पैटर्न समझो: पीरियोडिक टेस्ट में अक्सर NCERT के In-text Questions और Blue Box Questions से सवाल आते हैं। इन्हें अच्छे से रटकर/समझकर जाओ।
- टाइम मैनेजमेंट: बोर्ड एग्जाम की तरह ही, पीरियोडिक टेस्ट में भी टाइम मैनेजमेंट की प्रैक्टिस करो।
B. नोटबुक सबमिशन (Notebook Submission) – 5 मार्क्स
- कंसिस्टेंसी ही किंग है: नोटबुक में पूरे साल का काम होना चाहिए। टीचर को यह नहीं लगना चाहिए कि आपने आखिरी मिनट में अपनी कॉपी पूरी की है।
- ऑर्गेनाइजेशन (Organization) और नीटनेट (Neatness):
- हर चैप्टर के लिए इंडेक्स (Index) बनाओ।
- डायग्राम्स और फ्लोचार्ट्स (Flowcharts) साफ़-सुथरे और लेबल (Labelled) हों।
- प्रॉपर हेडिंग्स और सब-हेडिंग्स का इस्तेमाल करो।
- गलतियों को सुधारो: अगर टीचर ने आपकी नोटबुक में कोई गलती या करेक्शन मार्क किया है, तो उसे तुरंत सही करो। यह आपकी गंभीरता (Sincerity) दिखाता है।
C. सब्जेक्ट एनरिचमेंट एक्टिविटी (SEA) – 5 मार्क्स
- क्रिएटिविटी दिखाओ: ये 5 मार्क्स सिर्फ काम पूरा करने के नहीं, बल्कि आपकी क्रिएटिविटी और एप्लीकेशन दिखाने के लिए हैं।
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट: अगर आपको कोई प्रोजेक्ट या सर्वे बनाना है, तो रिपोर्ट को सिर्फ टाइप मत करो। उसे अच्छे से डिजाइन करो, उसमें ग्राफिक्स और डेटा का इस्तेमाल करो।
- लैंग्वेज स्किल: अगर यह लैंग्वेज सब्जेक्ट है, तो ASL (Assessment of Speaking and Listening) में अपने उच्चारण (Pronunciation) और आत्मविश्वास (Confidence) पर ध्यान दो।
V. पेरेंट्स और स्टूडेंट्स के लिए अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs) CBSE 10th & 12th Board Exam 2026 new rules
Q1: अगर मैं इंटरनल असेसमेंट (20 मार्क्स) में फेल हो जाऊं तो क्या होगा?
A: घबराइए मत! CBSE 10th 12th Internal Assessment 2026 में फेल होने का कॉन्सेप्ट नहीं है। आपको पास होने के लिए थ्योरी (80) और इंटरनल (20) को मिलाकर कम से कम 33% मार्क्स चाहिए।
उदाहरण: अगर आप थ्योरी में 70 स्कोर करते हैं और इंटरनल में 5, तब भी आप पास हैं। स्कूल कोशिश करते हैं कि सभी बच्चों को कम से कम 10-15 मार्क्स दें, बशर्ते आपने काम जमा किया हो।
Q2: क्या 2026 में बोर्ड एग्जाम का पैटर्न (CBSE New Exam Pattern 2026) बदल गया है?
A: हाँ! मार्क्स डिवीजन के साथ-साथ, question पेपर पैटर्न में भी बड़ा बदलाव आया है।
- MCQs और कॉम्पिटेंसी बेस्ड सवाल: 2026 बोर्ड एग्जाम में 40% से 50% तक सवाल कॉम्पिटेंसी बेस्ड (Competency Based Questions – CBQs) होंगे। यानी सीधे-सीधे जवाब पूछने के बजाय, केस स्टडीज़, पैराग्राफ या डेटा एनालिसिस पर आधारित सवाल पूछे जाएँगे।
- यह बदलाव 2024 और 2025 से ही शुरू हो चुका है, लेकिन 2026 तक यह पूरी तरह से लागू हो जाएगा।
Q3: क्या स्कूल इंटरनल मार्क्स (20/30) अपनी मर्ज़ी से बदल सकते हैं?
A: नहीं। CBSE ने अब e-portal के ज़रिए इंटरनल मार्क्स अपलोड करने का प्रोसेस बहुत सख्त कर दिया है। स्कूल को हर छात्र के हर कॉम्पोनेंट (Periodic Test Score, Notebook Grade, SEA Report) का रिकॉर्ड CBSE को सबमिट करना होता है। इसलिए, अब मनमानी करना बहुत मुश्किल है।
Q4: क्या 10वीं और 12वीं, दोनों के लिए रूल सेम हैं?
A: हाँ, बेसिक $80:20$ का बटवारा (Periodic Test, Notebook, SEA) दोनों क्लासेज के कोर विषयों के लिए सेम है। साइंस के विषयों में 12वीं में $70:30$ का बटवारा होता है, जबकि 10वीं में साइंस में $80:20$ होता (क्योंकि 10वीं का प्रैक्टिकल इंटरनल होता है)
ये 20 मार्क्स सिर्फ नंबर नहीं, बल्कि आपकी साल भर की मेहनत, डिसिप्लिन और एंगेजमेंट का प्रमाण हैं। इन्हें हल्के में न लें!
स्टूडेंट्स के लिए pehlainfo की फ़ाइनल और मोटीवेशनल सलाह- CBSE 10th & 12th Board exam 2026
मेरे प्यारे दोस्तों, यह बदलाव आपके फ़ेवर में है! यह आपको और ज़्यादा अकैडमिकली डिसिप्लिन बनाएगा और साल के आखिरी दो महीने की टेंशन को कम करेगा।
- कंसिस्टेंट रहो (Be Consistent): अपनी पढ़ाई को छोटे-छोटे हिस्सों में बाँट दो। हर पीरियोडिक टेस्ट को बोर्ड एग्जाम समझकर दो। 10 मार्क्स सीधे आपकी रेगुलर पढ़ाई से जुड़े हैं।
- नोटबुक = 5 मार्क्स का खजाना: अपनी नोटबुक्स को साफ़ और कंप्लीट रखने की आदत डालो। यह सबसे आसान 5 मार्क्स हैं जो कोई भी स्कोर कर सकता है।
- एक्टिविटीज में बढ़-चढ़कर हिस्सा लो: जो भी प्रोजेक्ट या एक्टिविटी मिले, उसे दिल से करो। इससे सिर्फ मार्क्स नहीं बढ़ेंगे, बल्कि सब्जेक्ट की आपकी समझ (Application) भी बढ़ेगी।
याद रखना, बोर्ड एग्जाम सिर्फ 80 मार्क्स का नहीं है, बल्कि 100 मार्क्स का एक कम्प्लीट पैकेज है। अगर आप इंटरनल 20 मार्क्स को हल्के में नहीं लेंगे, तो आपको टॉपर बनने से कोई नहीं रोक सकता! ऑल द बेस्ट!
